खलेगी अनुभव की कमी
बीते वर्ल्ड कप से लेकर इस वर्ल्ड कप तक भारतीय टीम में काफी बदलाव आ चुका है. वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, युवराज सिंह, हरभजन सिंह और जहीर खान जैसे दिग्गज खिलाड़ी अब इस टीम का हिस्सा नहीं हैं. 2011 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम से सिर्फ धोनी, रैना, विराट और अश्विन ही इस बार टीम का हिस्सा हैं. मौजूदा टीम के ज्यादातर खिलाड़ी पहली बार इस टूर्नामेंट का हिस्सा बनने जा रहे हैं. ऐसे में भारत को अनुभव की कमी खल रही है. आस्ट्रेलिया में बीते दिनों खेली गई टेस्ट सिरीज और ट्राइ सिरीज में भारत को एक भी जीत नसीब नहीं हुई. वर्ल्ड कप से पहले उसने दूसरे वार्म-अप मैच में अफगानिस्तान को हराकर थोड़ा आत्मविश्वास हासिल किया है. हालांकि पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले इस मुकाबले में उसे इससे थोड़े ज्यादा की जरूरत होगी.
बल्लेबाजों पर रहेगा दारोमदार
ट्राइ सिरीज में भारतीय बल्लेबाज जिस तरह खेले, उसे देखते हुए यह कहा जा सकता है कि वो इतने दिन तक आस्ट्रेलिया में खेलने के बावजूद अब तक तेज पिचों पर खेलना नहीं सीख पाए हैं. रोहित शर्मा के चोटिल होने का उसे काफी नुकसान उठाना पड़ा. वहीं भारत की बल्लेबाजी की रीढ़ कहे जाने वाले विराट कोहली भी वनडे में पूरी तरह फ्लॉप रहे हैं. भारत को अगर पाकिस्तान के खिलाफ जीत दर्ज करनी है तो इन दोनों बल्लेबाजों का चलना बेहद जरूरी होगा. इसके अलावा अजिंक्य रहाणे, सुरेश रैना, धोनी और शिखर धवन को भी बड़े स्कोर करने होंगे. दूसरी तरफ, भुवनेश्वर और ईशांत के चोटिल होने के कारण भारत का बॉलिंग अटैक भी बिखरा हुआ सा है. शमी और उमेश महंगे साबित हुए हैं. मोहित ने इंप्रेस किया है. अश्विन और जडेजा को कोई खास सफलता नहीं मिली, लेकिन अक्षर कामयाब रहे. हालांकि ऐसा लगता नहीं कि पाकिस्तान के खिलाफ धोनी अश्विन और जडेजा पर अक्षर को तरजीह देंगे.
इन पर रहेगी नजर
विराट कोहली: बीते चार साल में विराट भारत के सबसे बड़े मैच विनर बनकर सामने आए हैं. हालांकि वो ट्राइ सिरीज में बुरी तरह नाकाम रहे. वनडे में कोहली ने 150 मैच खेले हैं, जिसमें 6232 रन बनाए हैं. पाकिस्तान के खिलाफ 9 मैचों में 266 रन बनाए हैं, जबकि वर्ल्ड कप में उन्होंने 9 मैच खेले और 282 रन किए.
बीते वर्ल्ड कप से लेकर इस वर्ल्ड कप तक भारतीय टीम में काफी बदलाव आ चुका है. वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, युवराज सिंह, हरभजन सिंह और जहीर खान जैसे दिग्गज खिलाड़ी अब इस टीम का हिस्सा नहीं हैं. 2011 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम से सिर्फ धोनी, रैना, विराट और अश्विन ही इस बार टीम का हिस्सा हैं. मौजूदा टीम के ज्यादातर खिलाड़ी पहली बार इस टूर्नामेंट का हिस्सा बनने जा रहे हैं. ऐसे में भारत को अनुभव की कमी खल रही है. आस्ट्रेलिया में बीते दिनों खेली गई टेस्ट सिरीज और ट्राइ सिरीज में भारत को एक भी जीत नसीब नहीं हुई. वर्ल्ड कप से पहले उसने दूसरे वार्म-अप मैच में अफगानिस्तान को हराकर थोड़ा आत्मविश्वास हासिल किया है. हालांकि पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले इस मुकाबले में उसे इससे थोड़े ज्यादा की जरूरत होगी.
बल्लेबाजों पर रहेगा दारोमदार
ट्राइ सिरीज में भारतीय बल्लेबाज जिस तरह खेले, उसे देखते हुए यह कहा जा सकता है कि वो इतने दिन तक आस्ट्रेलिया में खेलने के बावजूद अब तक तेज पिचों पर खेलना नहीं सीख पाए हैं. रोहित शर्मा के चोटिल होने का उसे काफी नुकसान उठाना पड़ा. वहीं भारत की बल्लेबाजी की रीढ़ कहे जाने वाले विराट कोहली भी वनडे में पूरी तरह फ्लॉप रहे हैं. भारत को अगर पाकिस्तान के खिलाफ जीत दर्ज करनी है तो इन दोनों बल्लेबाजों का चलना बेहद जरूरी होगा. इसके अलावा अजिंक्य रहाणे, सुरेश रैना, धोनी और शिखर धवन को भी बड़े स्कोर करने होंगे. दूसरी तरफ, भुवनेश्वर और ईशांत के चोटिल होने के कारण भारत का बॉलिंग अटैक भी बिखरा हुआ सा है. शमी और उमेश महंगे साबित हुए हैं. मोहित ने इंप्रेस किया है. अश्विन और जडेजा को कोई खास सफलता नहीं मिली, लेकिन अक्षर कामयाब रहे. हालांकि ऐसा लगता नहीं कि पाकिस्तान के खिलाफ धोनी अश्विन और जडेजा पर अक्षर को तरजीह देंगे.
इन पर रहेगी नजर
विराट कोहली: बीते चार साल में विराट भारत के सबसे बड़े मैच विनर बनकर सामने आए हैं. हालांकि वो ट्राइ सिरीज में बुरी तरह नाकाम रहे. वनडे में कोहली ने 150 मैच खेले हैं, जिसमें 6232 रन बनाए हैं. पाकिस्तान के खिलाफ 9 मैचों में 266 रन बनाए हैं, जबकि वर्ल्ड कप में उन्होंने 9 मैच खेले और 282 रन किए.
Source: ICC Cricket World Cup 2015 and Cricket News Today
No comments:
Post a Comment