जीत से कम कुछ भी नहीं
यह सेमीफाइनल मैच जितना ऑस्ट्रेलिया के लिए इंपॉर्टेंट है, उतना ही माही आर्मी के लिए. इनके बीच की टक्कर इतनी जबर्दस्त होने वाली है, जिसका आप अंदाजा नहीं लगा सकते. इसका सबसे बड़ा कारण है, टीमों का पिछला प्रदर्शन. ऑस्ट्रेलिया को अभी तक वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में कभी हार नहीं मिली है, तो वहीं धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ICC के किसी भी टूर्नामेंट में सेमीफाइनल से बाहर नहीं हुआ. अब ऐसे में जब दोनों टीमें सिर्फ जीत के लिए खेलती हैं, तो यह मैच खेल से बढ़कर कंपटीशन नजर आने लगता है. दोनों टीमें अपने इस अजेय रिकॉर्ड को बरकरार रखना चाहेंगी. इंडिया के पास इस वर्ल्ड कप में थोड़ी एडवांटेज है क्योंकि भारतीय शेर इस टूर्नामेंट में अभी तक कोई मैच नहीं हारे हैं जबकि ऑस्ट्रेलिया को 1 मैच में हार का सामना करना पड़ा. फिलहाल माइकल क्लॉर्क और महेंद्र सिंह धोनी अपनी-अपनी ताकत के साथ मैदान पर उतरने के लिए बेताब हैं. वर्ल्ड कप रिकॉर्ड पर नजर डालें तो इन दोनों के बीच 10 मैच हुए हैं, जिसमें कि 7 बार कंगारुओं ने जीत दर्ज की वहीं इंडिया के खाते में 3 जीत आईं. टीम इंडिया की मौजूदा फॉर्म को देखते हुए यह मैच उनके फेवर में जा सकता है, लेकिन माही आर्मी को पिछली सीरीज की गलतियों को दोहराना नहीं होगा. वर्ल्ड कप शुरु होने से पहले इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था, जहां उसे करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा. ऐसे में भारतीय शेरों को अच्छा प्रदर्शन करके पुराना हिसाब भी चुकता करना होगा.
कंगारु नहीं मानते हार
ऑस्ट्रेलियन टीम की मौजूदा फार्म को देखते हुए यह मैच बराबरी का हो सकता है. वैसे आस्ट्रेलिया ने ग्रुप स्टेज में न्यूजीलैंड के अगेंस्ट बहुत ही खराब बैटिंग की थी लेकिन अन्य टीमों के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया था. अफगानिस्तान के खिलाफ वार्नर ने तूफानी पारी खेलकर विरोधियों में हलचल मचा दी. वहीं स्टीव स्मिथ और शेन वॉटसन भी अच्छी बैटिंग करने में माहिर हैं. इसके अलावा निचले क्रम में मैक्सवेल की धुंआंधर पारी किसी भी बॉलर्स की धज्जियां उधेड़ सकती है. कंगारू टीम की बल्लेबाजी पहले से भी ज्यादा मजबूत हो गई है. जहां तक पेस अटैक की बात है तो ऑस्ट्रेलिया अपने कमजोर प्रतिद्वंद्वी पर किसी तरह का रहम दिखाने में मूड नहीं लगता है. वहीं मिशेल स्टार्क, जोश हेजलवुड और मिशेल जॉनसन मैच जीतने में जी-जान लगा देंगे. ऑस्ट्रेलिया के पास एक मजबूत बैटिंग और रफ्तार से भरा बॉलिंग अटैक है, जिसके चलते वह किसी भी समय मैच का रुख बदल सकते हैं. हालांकि कंगारु अपने होम ग्राउंड्स का भी फायदा उठाने की कोशिश करेंगे.
माही मैजिक में फंस जाते हैं बड़े-बड़े
इंडिया के पास इस मैच को जीतकर फाइनल में इंट्री करने का टारगेट होगा. भारतीय शेरों को किसी भी तरह की कमी नहीं रखनी होगी. बैटिंग, बॉलिंग और फील्डिंग तीनों क्षेत्रों में मौकों को भुनाते हुए उम्दा प्रदर्शन करना होगा. वर्ल्ड कप शुरु होने से पहले इंडियन टीम को ऑस्ट्रेलिया दौरे पर करारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी, लेकिन क्रिकेट का सबसे बड़ा टूर्नामेंट शुरु होते ही इंडियन प्लेयर्स अपनी फॉर्म में लौट आए. इंडिया ने इस वर्ल्ड कप में लगातार 7 मैच जीत लिए हैं. ऐसे में इस समय इंडियन टीम बहुत ही मजबूत स्थिति में है. शिखर धवन हों या फिर विराट कोहली, दोनों ही बैट्समैनों अकेले दम पर मैच जीताने की काबिलियत रखते हैं. हालांकि इस टूर्नामेंट में इंडियन बैटिंग काफी लाजवाब रही है. मध्यक्रम में सुरेश रैना और कैप्टन धोनी जिम्मेदारी निभाते हुए मैच विनिंग पारी खेल सकते हैं. इसके अलावा बॉलिंग में भी आर. अश्विन, मोहम्मद शमी और भुवनेश्वर कुमार ने शानदार बॉलिंग का प्रदर्शन किया है. वैसे यह मैच एकतरफा तो नहीं कहा जा सकता लेकिन इंडिया किसी भी कीमत पर अपने विजयरथ को रोकना नहीं चाहेगी. इंडिया के पास धोनी के रूप में एक ऐसा कैप्टन है, जो ICC टूर्नामेंट में होने वाले बड़े मैचों का प्रेशर आसानी से झेल सकता है. वहीं धोनी का मैजिक किसी भी विरोधी को चकरघिन्नी की तरह घुमा सकता है.
यह सेमीफाइनल मैच जितना ऑस्ट्रेलिया के लिए इंपॉर्टेंट है, उतना ही माही आर्मी के लिए. इनके बीच की टक्कर इतनी जबर्दस्त होने वाली है, जिसका आप अंदाजा नहीं लगा सकते. इसका सबसे बड़ा कारण है, टीमों का पिछला प्रदर्शन. ऑस्ट्रेलिया को अभी तक वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में कभी हार नहीं मिली है, तो वहीं धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ICC के किसी भी टूर्नामेंट में सेमीफाइनल से बाहर नहीं हुआ. अब ऐसे में जब दोनों टीमें सिर्फ जीत के लिए खेलती हैं, तो यह मैच खेल से बढ़कर कंपटीशन नजर आने लगता है. दोनों टीमें अपने इस अजेय रिकॉर्ड को बरकरार रखना चाहेंगी. इंडिया के पास इस वर्ल्ड कप में थोड़ी एडवांटेज है क्योंकि भारतीय शेर इस टूर्नामेंट में अभी तक कोई मैच नहीं हारे हैं जबकि ऑस्ट्रेलिया को 1 मैच में हार का सामना करना पड़ा. फिलहाल माइकल क्लॉर्क और महेंद्र सिंह धोनी अपनी-अपनी ताकत के साथ मैदान पर उतरने के लिए बेताब हैं. वर्ल्ड कप रिकॉर्ड पर नजर डालें तो इन दोनों के बीच 10 मैच हुए हैं, जिसमें कि 7 बार कंगारुओं ने जीत दर्ज की वहीं इंडिया के खाते में 3 जीत आईं. टीम इंडिया की मौजूदा फॉर्म को देखते हुए यह मैच उनके फेवर में जा सकता है, लेकिन माही आर्मी को पिछली सीरीज की गलतियों को दोहराना नहीं होगा. वर्ल्ड कप शुरु होने से पहले इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था, जहां उसे करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा. ऐसे में भारतीय शेरों को अच्छा प्रदर्शन करके पुराना हिसाब भी चुकता करना होगा.
कंगारु नहीं मानते हार
ऑस्ट्रेलियन टीम की मौजूदा फार्म को देखते हुए यह मैच बराबरी का हो सकता है. वैसे आस्ट्रेलिया ने ग्रुप स्टेज में न्यूजीलैंड के अगेंस्ट बहुत ही खराब बैटिंग की थी लेकिन अन्य टीमों के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया था. अफगानिस्तान के खिलाफ वार्नर ने तूफानी पारी खेलकर विरोधियों में हलचल मचा दी. वहीं स्टीव स्मिथ और शेन वॉटसन भी अच्छी बैटिंग करने में माहिर हैं. इसके अलावा निचले क्रम में मैक्सवेल की धुंआंधर पारी किसी भी बॉलर्स की धज्जियां उधेड़ सकती है. कंगारू टीम की बल्लेबाजी पहले से भी ज्यादा मजबूत हो गई है. जहां तक पेस अटैक की बात है तो ऑस्ट्रेलिया अपने कमजोर प्रतिद्वंद्वी पर किसी तरह का रहम दिखाने में मूड नहीं लगता है. वहीं मिशेल स्टार्क, जोश हेजलवुड और मिशेल जॉनसन मैच जीतने में जी-जान लगा देंगे. ऑस्ट्रेलिया के पास एक मजबूत बैटिंग और रफ्तार से भरा बॉलिंग अटैक है, जिसके चलते वह किसी भी समय मैच का रुख बदल सकते हैं. हालांकि कंगारु अपने होम ग्राउंड्स का भी फायदा उठाने की कोशिश करेंगे.
माही मैजिक में फंस जाते हैं बड़े-बड़े
इंडिया के पास इस मैच को जीतकर फाइनल में इंट्री करने का टारगेट होगा. भारतीय शेरों को किसी भी तरह की कमी नहीं रखनी होगी. बैटिंग, बॉलिंग और फील्डिंग तीनों क्षेत्रों में मौकों को भुनाते हुए उम्दा प्रदर्शन करना होगा. वर्ल्ड कप शुरु होने से पहले इंडियन टीम को ऑस्ट्रेलिया दौरे पर करारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी, लेकिन क्रिकेट का सबसे बड़ा टूर्नामेंट शुरु होते ही इंडियन प्लेयर्स अपनी फॉर्म में लौट आए. इंडिया ने इस वर्ल्ड कप में लगातार 7 मैच जीत लिए हैं. ऐसे में इस समय इंडियन टीम बहुत ही मजबूत स्थिति में है. शिखर धवन हों या फिर विराट कोहली, दोनों ही बैट्समैनों अकेले दम पर मैच जीताने की काबिलियत रखते हैं. हालांकि इस टूर्नामेंट में इंडियन बैटिंग काफी लाजवाब रही है. मध्यक्रम में सुरेश रैना और कैप्टन धोनी जिम्मेदारी निभाते हुए मैच विनिंग पारी खेल सकते हैं. इसके अलावा बॉलिंग में भी आर. अश्विन, मोहम्मद शमी और भुवनेश्वर कुमार ने शानदार बॉलिंग का प्रदर्शन किया है. वैसे यह मैच एकतरफा तो नहीं कहा जा सकता लेकिन इंडिया किसी भी कीमत पर अपने विजयरथ को रोकना नहीं चाहेगी. इंडिया के पास धोनी के रूप में एक ऐसा कैप्टन है, जो ICC टूर्नामेंट में होने वाले बड़े मैचों का प्रेशर आसानी से झेल सकता है. वहीं धोनी का मैजिक किसी भी विरोधी को चकरघिन्नी की तरह घुमा सकता है.
Source: ICC Cricket World Cup and Latest Cricket Match News
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