युवराज के सवाल पर ऐसा रहा कप्तान का जवाब
महेंद्र सिंह धोनी ने ऐसा कहा है कि फील्डिंग की पाबंदी (30 गज के घेरे के बाहर सिर्फ 4 क्षेत्ररक्षक रखने का नियम) सबसे बड़ा कारण रही, जिसकी वजह से भारत को ‘युवराज सिंह जैसा बायें हाथ का बेहतरीन स्पिनर खोना पड़ा. महेंद्र सिंह धोनी से यह पूछा गया था कि क्या सुरेश रैना वह भूमिका निभा सकते हैं जो युवराज ने 2011 के विश्व कप के दौरान निभायी थी. इसपर उन्होंने जवाब दिया कि आपने यह देखा ही होगा कि नियमों में बदलाव के बाद युवराज ने बहुत ज्यादा गेंदबाजी नहीं की है.
स्वीकारी नियमों में बदलाव की समस्या
उन्होंने कहा कि वह इस बात को बहुत अच्छे से स्वीकार करते हैं कि नियमों में बदलाव आने के बाद उसकी गेंदबाजी प्रभावित हुई है. हालांकि टी20 के दौरान वह नियमित गेंदबाज हैं. महेंद्र सिंह धोनी 4 क्षेत्ररक्षकों को 30 गज के घेरे से बाहर रखने के नियम के समर्थन में कभी नहीं रहे. ऐसा इसलिए भी है क्योंकि उनका यह मानना था कि उनके कई पार्ट टाइम गेंदबाज जैसे कि सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, ये बदली हुई परिस्थितियों में बहुत ज्यादा प्रभावी खेल नहीं खेल सके. उन्होंने यह कहा कि जब तक क्षेत्ररक्षण का यह बदला हुआ नियम नहीं था, उस समय तक वीरू पाजी, सचिन पाजी और युवी को गेंदबाजी सौंपी जाती थी और सभी क्रिकेटर्स उन्हीं पर निर्भर रहते थे.
महेंद्र सिंह धोनी ने ऐसा कहा है कि फील्डिंग की पाबंदी (30 गज के घेरे के बाहर सिर्फ 4 क्षेत्ररक्षक रखने का नियम) सबसे बड़ा कारण रही, जिसकी वजह से भारत को ‘युवराज सिंह जैसा बायें हाथ का बेहतरीन स्पिनर खोना पड़ा. महेंद्र सिंह धोनी से यह पूछा गया था कि क्या सुरेश रैना वह भूमिका निभा सकते हैं जो युवराज ने 2011 के विश्व कप के दौरान निभायी थी. इसपर उन्होंने जवाब दिया कि आपने यह देखा ही होगा कि नियमों में बदलाव के बाद युवराज ने बहुत ज्यादा गेंदबाजी नहीं की है.
स्वीकारी नियमों में बदलाव की समस्या
उन्होंने कहा कि वह इस बात को बहुत अच्छे से स्वीकार करते हैं कि नियमों में बदलाव आने के बाद उसकी गेंदबाजी प्रभावित हुई है. हालांकि टी20 के दौरान वह नियमित गेंदबाज हैं. महेंद्र सिंह धोनी 4 क्षेत्ररक्षकों को 30 गज के घेरे से बाहर रखने के नियम के समर्थन में कभी नहीं रहे. ऐसा इसलिए भी है क्योंकि उनका यह मानना था कि उनके कई पार्ट टाइम गेंदबाज जैसे कि सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, ये बदली हुई परिस्थितियों में बहुत ज्यादा प्रभावी खेल नहीं खेल सके. उन्होंने यह कहा कि जब तक क्षेत्ररक्षण का यह बदला हुआ नियम नहीं था, उस समय तक वीरू पाजी, सचिन पाजी और युवी को गेंदबाजी सौंपी जाती थी और सभी क्रिकेटर्स उन्हीं पर निर्भर रहते थे.
Source: ICC Cricket World Cup and Latest Cricket Match News
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